Wednesday, August 29, 2012

ओम्कारेश्वर में जल सत्याग्रह


साथी प्रशांत दुबे ने यह खबर फेसबुक पर चस्पा की है...
250 महिला पुरुष निरंतर पानी में
ओम्कारेश्वर बांध में पानी बढाने पर बांध प्रभावित लगभग 250 महिला पुरुषों ने पानी में जल सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया. उल्लेखनीय है कि वर्तमान में ओम्कारेश्वर बांध का जल स्तर 189 मीटर रहा है. हजारों ओम्कारेश्वर बांध प्रभावितों का पुनर्वास न होने के बावजूद गत दिनों राज्य सरकार द्वारा बांध में 193 मीटर तक पानी भरने कि घोषणा कि गयी थी. इस घोषणा के खिलाफ ओम्कारेश्वर बांध के डूब के गाँव घोगाल्गाँव में प्रभावित गत 16 जुलाई से निरंतर सत्याग्रह इस संकल्प के साथ चला रहे है कि वो पानी बढाने पर पानी में डूबने को तैयार हैं पर पानी नहीं बढने देंगे. कल देर शाम जब बांध में जल स्तर करीब 1.5 मीटर बढ़ा दिया गया तो लगभग 250 महिला पुरुषो ने पानी में उतर कर जल सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया.
बिना पुनर्वास डुबो कर भगाने का विरोध
उल्लेखनीय है कि ओम्कारेश्वर बांध प्रभावितों के बारे में पहले उच्च न्यायालय ने और फिर सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रभावितों के लिए बनी पुनर्वास नीति का पालन नहीं किया गया है. इन आदेशों के आधार पर प्रभावितों द्वारा शिकायत निवारण प्राधिकरण में जमीन के दावे लगाने पर प्राधिकरण ने भी स्पष्ट आदेश दिए हैं कि पुनर्वास नीति का पालन नहीं हुआ है और सभी प्रभावितों को जमीन के बदले जमीन दी जाये. यह भी उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के ओम्कारेश्वर बांध के आदेश के अनुसार यह पुनर्वास बांध निर्माण के पहले हो जाना चाहिए एवं सर्वोच्च न्यायालय के अन्य अनेक आदेशों के अनुसार प्रभावितों का पुनर्वास डूब लाने के 6 माह पूर्व पूरा होना जरूरी है. अतः सरकार इन सभी आदेशों का खुला उल्लंघन कर प्रभावितों का पुनर्वास करने के स्थान पर उन्हें डुबोकर बिना पुनर्वास भगाना चाहती है. प्रभावितों ने चुनौती दी है कि वो इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे, वो डूबने को तैयार है पर बिना अधिकार लिए नहीं हटेंगे.
बांध में पानी कम कर सभी प्रभावितों का पुनर्वास किया जाये
जल सत्याग्रह कर रहे सैकड़ो महिला पुरुषों एवं उनके साथ बैठे हजारों प्रभावितों कि मांग है कि ओम्कारेश्वर बांध में जल स्तर वापस 189 मीटर लाया जाये और सभी प्रभावितों को जमीन के बदले जमीन एवं अन्य पुनर्वास के अधिकार देकर पुनर्वास किया जाये. जल सत्याग्रह में ग्राम घोघल्गाँव की नीलाबाई, सुरेश पटेल, ग्राम कामनखेडा की सकुबाई, गिरिजाबाई, ग्राम टोकी के अंतरसिंह, संतोषबाई, ग्राम एखंड की नानीबाई, कैलाश राव आदि के साथ नर्मदा आन्दोलन की वरिष्ठ कार्यकर्ता सुश्री चित्तरूपा पालित एवं अन्य लगभग 250 महिला पुरुष पानी में निरंतर सत्याग्रह कर रहे हैं इन सत्याग्रहियों के साथ लगभग 3000 महिला पुरुष धरने पर बैठे है. नर्मदा आन्दोलन सरकार को चेतावनी देता है कि यदि तत्काल पानी कम करके विस्थापितों के पुनर्वास की करवाई नहीं की गयी तो लोग अपना जीवन देने में हिचकेंगे नहीं और पूरी नर्मदा घाटी और देश में इस लड़ाई को ले जाया जायेगा.

1 comment:

पशुपति शर्मा said...

आंदोलन सफल हो... लोगों को हक मिले...