Wednesday, February 05, 2014

आनंद नगर में कुछ घंटे आनंद के


युवा फिल्म में ट्राम के इस सीन ने मेरा ट्राम के प्रति सम्मोहन बढ़ाया था. उस सीन में विवेक ओबेराय के चेहरे पर गजब की खुशी थी, उसे भूला नहीं जा सकता. सच पूछिये तो एक जागते रहो फिल्म का वह गाना.. जिंदगी खाब है.. जो शायद पार्क स्ट्रीट की सड़कों पर रात के तीसरे पहर में फिल्माया गया था कोलकाता की छवि को मेरे मन में गढ़ा और दूसरा युवा फिल्म के गाने.. ए खुदा हाफिज.. शुक्रिया-मेहरबानी वाले गाने ने. वैसे अमर प्रेम में भी कोलकाता है मगर वहां कोलकाता की कोई रोमेंटिक छवि नहीं बनती. मगर जिंदगी खाब है गाने में जिस तरह की मस्ती उस शराबी कलाकार के चेहरे पर है तकरीबन वही मस्ती युवा के गाने में करीना और विवेक के चेहरे पर नजर आती है. और पहले गाने में सोया हुआ पार्क स्ट्रीट है तो दूसरे गाने में चहकती ट्राम, ढेर सारे बच्चे हालांकि यह गाने सागर तट से शुरू होता है. मगर आकर्षण का चरम ट्राम की वे अनवरत यात्रएं ही हैं.
इस आलेख को जानकी पुल पर पढ़ें http://www.jankipul.com/2014/02/blog-post_3.html

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